जीवन में बदलाव क्यों नहीं आता? जानिए वे 5 भूलें जो आपकी किस्मत चुरा लेती हैं

जीवन में बदलाव क्यों नहीं आता? जानिए वे 5 भूलें जो आपकी किस्मत चुरा लेती हैं

जीवन में बदलाव क्यों नहीं आता? जानिए वे 5 भूलें जो आपकी किस्मत चुरा लेती हैं

अक्सर हम शिकायत करते हैं कि जीवन में कुछ बदल क्यों नहीं रहा। मेहनत भी है, इच्छा भी है, फिर भी वही हालात, वही उलझनें, वही थकान। सच यह है कि जीवन अचानक नहीं बदलता वह हमारी छोटी-छोटी आदतों से बदलता है, खासकर उन आदतों से जो हम रात को सोने से पहले निभाते हैं।

आज मैं तुम्हें बताने जा रहा हूँ वे पांच बड़ी भूलें, जो चुपचाप तुम्हारी किस्मत को चुरा लेती हैं। यदि तुमने इन्हें छोड़ दिया, तो तुम्हारे जीवन को बदलने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।

पहली भूल मन में जहर भरकर सो जाना

दिन भर का दर्द, तनाव, गुस्सा, अपमान सब कुछ मन में भरकर सो जाना, यह सबसे खतरनाक आदत है।
यह ऐसा ही है जैसे अपने बिस्तर पर साँप रखकर सोना। रात तुम्हें शांत करने के लिए बनी है, शिकायतों को दोहराने के लिए नहीं।

सोने से पहले यह कहो:

“हे राधा रानी, आज जो भी हुआ आपकी इच्छा थी।
कल उससे भी बेहतर होगा।”

जिसने यह भाव अपना लिया, उसकी रातों में अपने-आप शांति उतर आती है।

दूसरी भूल बिना योजना के सो जाना

जीवन कोई खेल नहीं, यह एक युद्ध है। और हर योद्धा अगली चाल रात में तय करता है

कल क्या पढ़ना है?
कौन-सा काम सबसे जरूरी है?
पहला कदम क्या होगा?

जो बिना लक्ष्य के सोता है, वह बिना दिशा के उठता है।

सोने से पहले सिर्फ 2 मिनट निकालो और कल के 3 जरूरी काम लिख लो।
चाहे कुछ भी हो ये तीन काम करने ही हैं।

यही आदत तुम्हें उन 90% लोगों से अलग कर देगी जो अधूरी नींद लेते हैं और भटके हुए उठते हैं।

तीसरी भूल बिस्तर पर लेटकर भविष्य की चिंता करना

चिंता से कोई समस्या हल नहीं होती।
चिंता सिर्फ मन को कमजोर करती है।

भविष्य की चिंता उस कुएँ जैसी है, जिसमें तुम चाहे जितना पानी डाल दो वह कभी नहीं भरता।

सोते समय चिंता करना मानो ईश्वर से कहना है:
“मुझे आपकी योजना पर भरोसा नहीं है।”

सोने से पहले गहरी सांस लेकर कहो:

“हे राधे, मेरा मार्गदर्शन करें।
जो मेरे लिए लिखा है, वही मुझे मिलेगा।”

यही शांति का महामंत्र है।

चौथी भूल बिना कृतज्ञता के सो जाना

यह सबसे बड़ी भूल है।

जो मिला है उस पर ध्यान नहीं,
जो नहीं मिला उसी का रोना।

कृतज्ञता का अर्थ है
जो तुम्हारे पास है, उसी में खुश रहना सीखना।

हर रात खुद से तीन सवाल पूछो:

  • आज क्या अच्छा हुआ?
  • किसके लिए मैं आभारी हूँ?
  • किसे धन्यवाद देना चाहिए?

जिसके जीवन में कृतज्ञता आ जाती है,
उसके जीवन में चमत्कार अपने-आप उतरने लगते हैं।

पांचवीं भूल रात को मोबाइल का भूत जाग जाना

सोने से पहले मोबाइल उठाना सबसे आम लेकिन सबसे खतरनाक आदत है।

खुद से ईमानदारी से पूछो:
मोबाइल तुम्हें चला रहा है या तुम मोबाइल को चला रहे हो?

मोबाइल तुम्हारी नींद चुराता है,
ध्यान तोड़ता है,
और तुम्हें कल के लिए कमजोर बना देता है।

निर्णय लो:
सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल से दूरी

याद रखो
जो व्यक्ति अपनी रात पर नियंत्रण पा लेता है,
वही अपने भविष्य पर अधिकार करता है।

निष्कर्ष

जीवन बदलने के लिए बहुत बड़े चमत्कार की जरूरत नहीं होती।
बस इन पांच भूलों को छोड़ देना ही काफी है

आज रात से शुरुआत करो।
क्योंकि जो व्यक्ति अपनी रात सुधार लेता है,
उसकी सुबह खुद-ब-खुद बदल जाती है।

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